सोमवार, 2 जुलाई 2012

ये मौसम सुहाने .

खराब सेहत के कारन नया कुछ लिख नहीं पा रही हूँ।....पुरानी पोस्ट के लिए क्षमा चाहती हूँ।..

सिल्क की पार्श्वभूमी है इस भित्ती चित्र में.झरना बना है एक सिल्क की चोटी से जिसे मैंने कंघी से खोल दिया! रंगीन सिल्क के टुकड़ों में से छोटे छोटे पत्ते  काट के टांक दिए  हैं.दो तीन क्रोशिये की चेन भी टांक दीं हैं,बेलों की तौर पे. उर्वरित कपडे  पे कढ़ाई की है.

 सावन  के  झरने ,
बहारों के साए,
पतझड़  के  पत्ते
मिले हैं आके यहाँ पे..

हम रहे न रहें,
किया है क़ैद इन्हें
तुम्हारे लिए,
ये अब जा न पायें..

भूल जाना दर्द सारे,
जो गर मैंने दिए,
साथ रखना अपने,
ये मौसम सुहाने..

28 टिप्‍पणियां:

expression ने कहा…

बहुत सुन्दर....

स्वस्थ हों जल्द ही..ऐसी कामना करती हूँ.

शुभकामनायें
सादर
अनु

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

आप स्वास्थ्य लाभ करें, मौसम खुद ब खुद सुहाने हो जायेंगे।

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत सुन्दर

निर्मला कपिला ने कहा…

क्षमा. आज कल बीमारी मे मेरा भी यही हाल है बस बैठ कर सिलाईयाँ चलाते जाना। लेकिन तुम्हारी कढाई की कायल हूँ जी चाहता है तुम पास होती तो कम से कम अपने लिये एक रुमाल तो बनवा ही लेती। स्वास्थ्य का ध्यान रखना। शुभकामनायें। हाँ बुनते हुये कई बार तुम्हें याद भी करती हूँ। जिन औरतों मे ऐसे गुण हों मुझे बहुत अच्छी लगती हैं।

सदा ने कहा…

भावमय करते शब्‍द ...
आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए शुभकामनाएं
कल 04/07/2012 को आपकी इस पोस्‍ट को नयी पुरानी हलचल पर लिंक किया जा रहा हैं.

आपके सुझावों का स्वागत है .धन्यवाद!


'' जुलाई का महीना ''

shikha varshney ने कहा…

खूबसूरत भाव रचना के. और चित्र तो हमेशा ही बेहद खूबसूरत होता है.आप जल्द स्वस्थ हो जाएँ दुआ है.

दिगम्बर नासवा ने कहा…

साथ रखना अपने
ये सुहाने मौसम ...
बहुत खूब ... हम रहें न रहें हमारी याद इन सुहाने मौसमों में आती रहेगी ... दर्द भूल जाना जो हमने दिये ... गहरे एहसास भरे भाव ... और भित्ति चित्र भी एहसास लिए ...

Arvind Mishra ने कहा…

जल्दी स्वस्थ होईये-बहुत शुभकामनाएं o

आशा बिष्ट ने कहा…

बहुत खूब

वन्दना ने कहा…

आप पहले ठीक हो जाइये जो सबसे जरूरी है …………बाकी आपकी कारीगरी के तो हम सभी कायल हैं। और रचना भी बहुत सुन्दर है।

शारदा अरोरा ने कहा…

beemari to sachmuch ek jang hai ,,,saanso ki ladaaee aakhiri ummeed tak ..aap jaldi sehat mand ho..shubh kaamnayen..

Reena Maurya ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना...
:-)

प्रतिभा सक्सेना ने कहा…

आप शीघ्र स्वस्थ हों !
- रेशमी टाँकों से सुन्दर चित्र आँका है.

अमित श्रीवास्तव ने कहा…

बहुत खूब

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

बहुत ही बढ़िया।

आपका स्वास्थ्य जल्दी ठीक हो यही कामना है।


सादर

आशा जोगळेकर ने कहा…

इतनी सुंदर कशीदाकारी और उससे भी प्यारी कविता । जल्दी स्वास्थ्य लाभ करें यही शुभ कामना ।

Mired Mirage ने कहा…

बहुत सुन्दर.
घुघूतीबासूती

मनोज कुमार ने कहा…

पुराना है तो क्या हुआ, समसामयिक है। और आजकल तो सबके मन में यही उमड़-घुमड़ रहा है।

abhi ने कहा…

आप जल्दी से ठीक हो जाइए!!

प्रेम सरोवर ने कहा…

प्रशसनीय.... मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है। धन्यवाद।

सतीश सक्सेना ने कहा…

क्या हुआ आपको ?
जल्द स्वस्थ हों यही कामना है !

Kailash Sharma ने कहा…

खूबसूरत रचना और चित्र भी...शीघ्र स्वास्थ लाभ के लिये शुभकामना...

Reena Maurya ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना...
जल्दी स्वस्थ हो जाइये..
शुभकामनाये...
:-)

neelima garg ने कहा…

bahut khubsoorat...

Dr. shyam gupta ने कहा…

स्वास्थ्य अच्छा हो तो सब अच्छा लगता है..हर और मौसम सुहाना ...

डॉ. जेन्नी शबनम ने कहा…

सुन्दर कलाकृति, बधाई.

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

:) मन खुश हो गया। वाह!

अनामिका की सदायें ...... ने कहा…

swasth rahe, apna dhyan rakhe. sunder abhivyakti.