बुधवार, 22 दिसंबर 2010

तलाश--एक क्षणिका...


रही तलाश इक दिए की,
ता-उम्र इस शमा को,
कभी उजाले इतने तेज़ थे,
की, दिए दिखायी ना दिए,
या जानिबे मंज़िल  अंधेरे थे,
दिए जलाये ना दिए गए......

43 टिप्‍पणियां:

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

ओह ..दिए की तलाश और अँधेरे में दिखाई न दिए ....बहुत खूब ..

'उदय' ने कहा…

... bahut sundar ... behatreen !!!

Basanta ने कहा…

Very beautiful and symbolic!

shikha varshney ने कहा…

दिए जलाये ना दिए गए
क्या बात कही है ...उफ़.

nilesh mathur ने कहा…

वाह! क्या बात है, बहुत सुन्दर!

Apanatva ने कहा…

gahan bhav liye...........
behatreen........

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

क्या बात है...

Sunil Kumar ने कहा…

दिए की तलाश ! बहुत खूब .....

shekhar suman ने कहा…

waah... बहुत सुन्दर भाव हैं...

वन्दना ने कहा…

bahut hi gahari baat kah di............sara dard undel diya.

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" ने कहा…

शमा को हर दम दिए की तलाश रहती है ... बहुत सुन्दर !

अरुणेश मिश्र ने कहा…

अलंकार दृष्टव्य ।
लाजबाब रचना ।

Apanatva ने कहा…

kya narazee hai ?

संजय भास्कर ने कहा…

वाह! क्या बात है, बहुत सुन्दर!

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…

:)
शायद यह स्माइली भी उचित कमेन्ट नहीं..उम्मीद है आप समझेंगी..

शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' ने कहा…

कभी उजाले इतने तेज़ थे,
कि, दिए दिखायी ना दिए...
वाह...वाह
बहुत उम्दा.

वीना ने कहा…

बहुत सुंदर रही दिये और शमा की तलाश

Arvind Mishra ने कहा…

इसलिए बुद्ध बाबा कह गए हैं -आत्मदीपो भव! किसी और दिए की दरकार ही आखिर क्यूं हो ,खुद उजाला कीजिये !

POOJA... ने कहा…

waahh...
bahut khoob... is aah ko kya daad doon???

शारदा अरोरा ने कहा…

शमा हो कर भी शम्मा की मजबूरी तो देखिये ...

अनामिका की सदायें ...... ने कहा…

kam shabdon me gahre bhaav aur ek antarvaidna sapasht karti acchhi rachna.

शोभना चौरे ने कहा…

bahut kuchh kah gai aap to .
khubsurt

Kajal Kumar ने कहा…

नि:संदेह बहुत सुदर अभिव्यक्ति है..वाह.
(चौथी पंक्ति में शब्द "की" के स्थान पर शायद आपने "कि" लिखना चाहा होगा )

Dorothy ने कहा…

क्रिसमस की शांति उल्लास और मेलप्रेम के
आशीषमय उजास से
आलोकित हो जीवन की हर दिशा
क्रिसमस के आनंद से सुवासित हो
जीवन का हर पथ.

आपको सपरिवार क्रिसमस की ढेरों शुभ कामनाएं

सादर
डोरोथी

क्रिएटिव मंच-Creative Manch ने कहा…

वाह क्या बात है
बहुत खूब

सुन्दर पंक्तियाँ

आभार / शुभ कामनाएं

dipayan ने कहा…

हर बार की तरह एक बेहद सुन्दर रचना । बधाई ।

Meenu Khare ने कहा…

प्यारी सी कविता. हार्दिक शुभकामनाएं...

daanish ने कहा…

दिए जलाये ना दिए गए......

जरा से शब्द
और
मन की गहरी बात
वाह !!

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

आप को नवबर्ष की हार्दिक शुभ-कामनाएं !
आने बाला बर्ष आप के जीवन में नयी उमंग और ढेर सारी खुशियाँ लेकर आये ! आप परिवार सहित स्वस्थ्य रहें एवं सफलता के सबसे ऊंचे पायदान पर पहुंचे !

नवबर्ष की शुभ-कामनाओं सहित

संजय कुमार चौरसिया

Dorothy ने कहा…

गहन भावों की खूबसूरत अभिव्यक्ति. आभार.

अनगिन आशीषों के आलोकवृ्त में
तय हो सफ़र इस नए बरस का
प्रभु के अनुग्रह के परिमल से
सुवासित हो हर पल जीवन का
मंगलमय कल्याणकारी नव वर्ष
करे आशीष वृ्ष्टि सुख समृद्धि
शांति उल्लास की
आप पर और आपके प्रियजनो पर.

आप को सपरिवार नव वर्ष २०११ की ढेरों शुभकामनाएं.
सादर,
डोरोथी.

यशवन्त माथुर ने कहा…

आप को सपरिवार नववर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनाएं .

मनोज कुमार ने कहा…

सर्वस्तरतु दुर्गाणि सर्वो भद्राणि पश्यतु।
सर्वः कामानवाप्नोतु सर्वः सर्वत्र नन्दतु॥
सब लोग कठिनाइयों को पार करें। सब लोग कल्याण को देखें। सब लोग अपनी इच्छित वस्तुओं को प्राप्त करें। सब लोग सर्वत्र आनन्दित हों
सर्वSपि सुखिनः संतु सर्वे संतु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यंतु मा कश्चिद्‌ दुःखभाग्भवेत्‌॥
सभी सुखी हों। सब नीरोग हों। सब मंगलों का दर्शन करें। कोई भी दुखी न हो।
बहुत अच्छी प्रस्तुति। नव वर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनाएं!

साल ग्यारह आ गया है!

ज्ञानचंद मर्मज्ञ ने कहा…

नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ !
-ज्ञानचंद मर्मज्ञ

सुलभ § Sulabh ने कहा…

कभी उजाले इतने तेज़ थे,
की, दिए दिखायी ना दिए....

--
आपको को नव-वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं.
नया साल शुभ और प्रगति-दायिनी हो

संजय भास्कर ने कहा…

आपको और आपके परिवार को मेरी और मेरे परिवार की और से एक सुन्दर, सुखमय और समृद्ध नए साल की हार्दिक शुभकामना !

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" ने कहा…

आपको और आपके परिवार को नया साल मुबारक हो !

boletobindas ने कहा…

आपको भी नया साल मुबारक हो।

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

navvarsh ki hardik shubhkamnayen

दिगम्बर नासवा ने कहा…

कुछ ही शब्दों में गहरी बात ... हमेश की तरह ......
आपको और आपके समस्त परिवार को नव वर्ष मंगलमय हो ...

Dev ने कहा…

रचना पर अभिव्यक्ति के लिए धन्यवाद्
अपने नाम से ऐसी बेरुखी भरी कृति क्यों ?

निर्झर'नीर ने कहा…

athah dard ko samete hue hai aapke ye shabd ..aisa lagta hai jaise kahin man ki gahrai se aati hui aavah hai

is dard ko bahne do yun hi shabdon mein

राकेश कौशिक ने कहा…

रही तलाश इक दिए की,
ता-उम्र इस शमा को,
कभी उजाले इतने तेज़ थे,
की, दिए दिखायी ना दिए,
या जानिबे मंज़िल अंधेरे थे,
दिए जलाये ना दिए गए......

CSK ने कहा…

शमा जलती है परवाने को जलाने के लिए ही तो..
और जलता है वो परवाना उसे पाने के लिए ही तो..
मगर है फर्क इतना की शमा "जलती" मोहब्बत से,
जलाता है वो परवाना खुदी को इश्क में ही तो..