शनिवार, 30 जुलाई 2011

तलाश--एक क्षणिका...



रही तलाश इक दिए की,
ता-उम्र इस शमा को,
कभी उजाले इतने तेज़ थे,
के  , दिए दिखायी ना दिए,
या जानिबे मंज़िल  अंधेरे थे,
दिए जलाये ना दिए गए......

37 टिप्‍पणियां:

मनोज कुमार ने कहा…

कम शब्दों में बहुत ही गूढ बात।

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

संक्षिप्त पर बेहतरीन।

Arvind Mishra ने कहा…

जोरदार -मगर यह भी -
एक वो आलम था कि खुदा को खुदा न कह सका
अब ये आलम है कि हर बुत को खुदा कहते हैं !

Kunwar Kusumesh ने कहा…

गहरे भाव.

Arun sathi ने कहा…

woh... bahut gahri baat..

dil ki hai aawaj..

अनाम ने कहा…

"रही तलाश इक दिए की,
ता-उम्र इस शमा को"

अधिकतर की शिकायत/अफ़सोस को उजागर करती कम शब्दों में सटीक प्रस्तुति

vandan gupta ने कहा…

बेहद गहन अभिव्यक्ति।

Apanatva ने कहा…

khoob !

Dorothy ने कहा…

बेहद भावमयी और खूबसूरत अभिव्यक्ति. आभार.
सादर,
डोरोथी.

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

अद्भुत क्षणिका बहुत सुन्दर बधाई

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

अद्भुत क्षणिका बहुत सुन्दर बधाई

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

वाह!
बहुत सुन्दर क्षणिका!
--
पूरे 36 घंटे बाद नेट पर आया हूँ!
धीरे-धीरे सबके यहाँ पहुँचने की कोशिश कर रहा हूँ!

ktheLeo (कुश शर्मा) ने कहा…

वाह! अच्छा ख्याल और अच्छे लफ़्ज़! अगर मैं कुछ कह पाऊँ तो वो ये कि -

"तुम सितारों की चमक में इस कदर मशरूफ़ थे,
रोशनी में देखने का हुनर ही जाता रहा!"

Dr Varsha Singh ने कहा…

अंतर्मन को उद्देलित करती पंक्तियाँ, बधाई.

अनामिका की सदायें ...... ने कहा…

hamne b ik diya dikhaya tha.
magar tum kuchh bhool gaye
roshan karne ki ummeed thi..
magar tum ham se rooth gaye.

:):):)

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…

गहरी बात!! ज़िन्दगी में ऐसे मुकाम कई बार आते हैं...

ZEAL ने कहा…

Impressive lines !

सदा ने कहा…

गहन शब्‍दों के साथ बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

शारदा अरोरा ने कहा…

behtreen panktiyan ...

संजय भास्‍कर ने कहा…

बेहतरीन सटीक प्रस्तुति

Kavita Rawat ने कहा…

bahut badiya bhavpurn rachna..

kayal ने कहा…

bahut khoob..

mridula pradhan ने कहा…

wah....very good.

SM ने कहा…

bahut sundar

Manish ने कहा…

वाह!! कभी उजाले इतने तेज थे कि दिए दिखाई न दिए..
यह एक मौन सत्य है!!

abhi ने कहा…

:) वाह :) :)

POOJA... ने कहा…

short, solid... awesome...

Satish Saxena ने कहा…

बहुत खूब ....शुभकामनायें आपको !

Maheshwari kaneri ने कहा…

संक्षिप्त पर सुन्दर और बेहतरीन ....

Kailash Sharma ने कहा…

कुछ शब्दों में बहुत कुछ कह दिया..बहुत सुन्दर

अरुण चन्द्र रॉय ने कहा…

बहुत सुन्दर कविता..कम शब्द में गंभीर बात...

Bharat Bhushan ने कहा…

पंजाब में कबीर पंथ का उद्भव और विकास पर शुभकामनाएँ देने के लिए धन्यवाद. यह ब्लॉग मैंने एक सीमित प्रयोजन से बनाया था.
जिस ब्लॉग पर मैं निरंतर लिखता हूँ उसका लिंक नीच दे रहा हूँ-
MEGHnet
आप इस ब्लॉग पर पधारेंगी तो मुझे खुशी होगी.

दिगंबर नासवा ने कहा…

तलाश तलाश ही रह गयी ... गहरे जज्बात ...

Kunwar Kusumesh ने कहा…

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें.

ज्योति सिंह ने कहा…

bahut hi badhiya likha hai ,swatantrata divas ki badhai .

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" ने कहा…

सुन्दर रचना ... जन्माष्टमी की शुभकामनायें !

निर्झर'नीर ने कहा…

बेहतरीन