शनिवार, 25 मई 2013

ना खुदाने सताया

ना खुदाने सताया
ना मौतने रुलाया
रुलाया तो ज़िन्दगीने
मारा भी उसीने
ना शिकवा खुदासे
ना गिला मौतसे
थोडासा रहम  माँगा
तो वो जिन्दगीसे
वही ज़िद करती है,
जीनेपे अमादाभी
वही करती है...
मौत तो राहत है,
वो पलके चूमके
गहरी  नींद सुलाती है
ये तो ज़िंदगी है,
जो नींदे चुराती है
पर शिकायतसे भी
डरती हूँ उसकी,
गर कहीँ सुनले,
पलटके एक ऐसा
तमाचा जड़ दे
ना जीनेके काबिल रखे
ना मरनेकी इजाज़त दे....


16 टिप्‍पणियां:

राकेश कौशिक ने कहा…

जीवन नैया सुख और दुःख की
पतवारों से चलती है।
लहर खुशी की आती है कभी
गम के भँवर में फँसती है।
देते-देते बहुत अचानक
छीन कभी हमसे लेती।
इंसा भटक नहीं जाना
इच्छायें बहुत मचलती हैं॥

राकेश कौशिक ने कहा…

खुदा सलामत रखे

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

bilkul sahi hai, jindagi hi dukh deti hai. bewafa kahin ki.

vandana gupta ने कहा…

शमा जी ऐसा मत कहिये आप जल्द से जल्द स्वस्थ हों यही कामना है।

yashoda agrawal ने कहा…

ना खुदा ने सताया
ना मौत ने रुलाया
रुलाया तो ज़िन्दगी ने
मारा भी उसी ने....

एक लाजवाब रचना से साक्षात्कार...


सादर

संजय जोशी "सजग " ने कहा…

बहुत सुंदर

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

रहना है तो सहना है,
जीवन राह बिहरणा है।

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

ज़िंदगी के रंग ग़ज़ब अनबूझ हैं

दिगम्बर नासवा ने कहा…

जिंदगी से इतनी निराशा अच्छी नहीं ... आशा की किरण बंधी रहती है भोर की किरण के साथ .. उसे थाम लेना जरूरी है ... जल्दी ही स्वास्थ होंगी आप ... शुभकामनायें हैं ...

arvind mishra ने कहा…

कम आन!

Saras ने कहा…

हाँ मौत से भी बेरहम होती है ज़िन्दगी ....!!!

सदा ने कहा…

आपके स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के लिये अनंत शुभकामनाएँ ..
सादर

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत मर्मस्पर्शी रचना...बहुत सुन्दर

Madan Mohan Saxena ने कहा…

बहुत बेहतरीन .सुंदर पोस्ट।

संजय भास्‍कर ने कहा…

सार्थक संदेश के साथ ....बहुत बेहतरीन

संजय भास्‍कर ने कहा…

आपकी इस रचना को कविता मंच व म्हारा हरियाणा ब्लॉग पर साँझा किया गया है !

http://bloggersofharyana.blogspot.in/

संजय भास्कर