सोमवार, 19 जुलाई 2010

चश्मे नम मेरे....

चश्मे नम मेरे....क्षणिका.








परेशाँ हैं, चश्मे नम मेरे,

कि इन्हें, लमहा, लमहा,

रुला रहा है कोई.....



चाहूँ थमना चलते, चलते,

क़दम बढ्तेही जा रहें हैं,

सदाएँ दे रहा है कोई.....



अए चाँद, सुन मेरे शिकवे,

तेरीही चाँदनी बरसाके,

बरसों, जला रहा कोई......

14 टिप्‍पणियां:

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" ने कहा…

क्या बात है क्षमा जी... बहुत ही बेहतरीन भावनात्मक रचना है ...
चांदनी, सदाएं और चश्मे नम ... ये तो हमेशा से ही रुमानियत भरे बिम्ब रहे हैं ... और उन्हें आपने बड़ी खूबसूरती से इस रचना में पिरोये हैं ...

M VERMA ने कहा…

अए चाँद, सुन मेरे शिकवे,
तेरीही चाँदनी बरसाके,
बरसों, जला रहा कोई......

चाँदनी जला रही है तो
धूप के साये में रहिये
खूबसूरत क्षणिकायें .. बहुत सुन्दर

दिगम्बर नासवा ने कहा…

अए चाँद, सुन मेरे शिकवे,
तेरीही चाँदनी बरसाके,
बरसों, जला रहा कोई......

सही है आपका शिकवा ..... चाँद ही घर जलाए तो ठंडक कौन पहुँचाए ....

श्याम कोरी 'उदय' ने कहा…

...sundar rachanaa !!!

Rahul ने कहा…

Nice..seems like a wait for someone!!

Coral ने कहा…

आपकी क्षणिका बहुत सुन्दर है!

अए चाँद, सुन मेरे शिकवे,
तेरीही चाँदनी बरसाके,
बरसों, जला रहा कोई......

यह मुझे बहुत पसंद आई!

सम्वेदना के स्वर ने कहा…

रोने वाले से कहो उनका भी रोना रो ले
जिनको मजबूरी ए हालात ने रोने न दिया.
जिसने रुलाया वो खुद कितना रोया होगा, जिसकी सदा आपकोखींचे लिए जाती हो, उसकी सदा में कितनी कशिश होगी... और जो चाँदनी जलाए, वो अंदर तक कितना जली होगी.. बेहतरीन !!

सम्वेदना के स्वर ने कहा…

रोने वाले से कहो उनका भी रोना रो ले
जिनको मजबूरी ए हालात ने रोने न दिया.
जिसने रुलाया वो खुद कितना रोया होगा, जिसकी सदा आपकोखींचे लिए जाती हो, उसकी सदा में कितनी कशिश होगी... और जो चाँदनी जलाए, वो अंदर तक कितना जली होगी.. बेहतरीन !!

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत दर्द भरी अभिव्यक्ति....

mai... ratnakar ने कहा…

bahut achchha likha hai
badhai

ज्योति सिंह ने कहा…

अए चाँद, सुन मेरे शिकवे,

तेरीही चाँदनी बरसाके,

बरसों, जला रहा कोई....
bahut hi sundar

संजय भास्कर ने कहा…

बहुत सुन्दर और मार्मिक कविता है

सुमन'मीत' ने कहा…

बहुत सुन्दर

Apanatva ने कहा…

bahut bhavuk prastuti.........
asardaar apane padchinh chodne me...........